पति का साथ मिला तो छू सकी आसमान : डो. दक्षा जोशी

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“ अंतिम छोर तक “

इस छोर खड़े तुम साथ मेरे तो ,
रहना अंतिम छोर तक।
रात कहीं पर ढल जाए तो ,
आ जाना पहली भोर तक।

लौट लौट कर सुधियां आतीं ,
मनमोहन दिन रात में ।
छवि सजाकर ह्रदय रखना ,
मेरी हर पल साथ में।

अलग-अलग है रचना तन की,
प्राण बंधे एक डोर में।
सत्य के दर्शन कर लेना तुम,
चंदा और चकोर में ।

जनम जनम तक साथ निभाता,
निश्चल नेह समर्पण ।
कमज़ोर कभी ना हो सकता,
कच्चे धागों का बंधन ।

विश्वासों की सीढ़ी चढ़कर ,
अनुरागित मन मुस्काता है ।
शब्द शब्द सज माला में तब,
प्रेम गीत बन जाता है।

संगीत स्वरों का स्वयं निखरता,
तार तार झंकृत होते हैं।
नई धुनों के अभिनंदन से,
जीवन गीत अलंकृत होते हैं।

सुख-दुख के सहभागी बनकर,
सफ़र सुहाना चलता है ।
अंधियारे पर जीत दर्ज कर ।
दीप देहरी पर जलता है।

मिले राग से राग यदि तो,
गीत गाते उम्र गुजर जाती है।
फिर साज़ ठहर भी जाए तो,
आवाज़ अमर हो जाती है।

देव की देवकी बनकर साथ रहूंगी,
मैं तो अंतिम दौर तक।
निज नैया पर ले चलना मांझी,
सागर के उस ओर तक।

इस छोर खड़े तुम साथ मेरे तो,
रहना अंतिम छोर तक।
रात कहीं पर ढल जाए तो,
आ जाना पहली भोर तक।।

-डॉ .दक्षा जोशी ।
अहमदाबाद,
गुजरात ।

पति का साथ मिला तो छू सकी आसमान : डो. दक्षा जोशी

लेखिका, कवयित्री, अध्यापिका, वक्ता, प्रवासी
डॉ. दक्षा जोशी बहुमुखी प्रतिभा की धनी है ।
डो. दक्षाजीने एम.ए., एम.फिल. तथा पीएच.डी. का
अभ्यास किया है ।
डो. डक्षा जोशी ने राजकोट, गुजरात की एम. जे. के. आर्ट्स कॉमर्स एन्ड कम्प्यूटर सायन्स कॉलेज से प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुई है. एम.ए., एम.फिल. एवम् पीएच.डी. गाइड के रुप में डो. दक्षाजी ने सेवा प्रदान की है।

सेवा निवृत्त होने पर विविध शैक्षणिक संस्थानों द्वारा आपका बहुमान करते हुए आपके जीवन , व्यक्तित्व, कृतित्व को लेकर राष्ट्रभाषा प्रचार समिति वर्धा, राजकोट , हिन्दी भवन एवं सौराष्ट्र युनिवर्सिटी द्वारा “ आवर्तन “ ग्रंथ के प्रकाशन के साथ सम्मानित किया गया ।

उपलब्धियाँ :
-विविध अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में 32 देशों में –
काव्य-पठन, प्रपत्र-पठन, संचालन, सक्रिय अध्यक्षता ।
-आकाशवाणी,दूरदर्शन से समय समय पर वार्तालाप एवं कविताओं का प्रसारण।
-ज्ञानवाणी-आकाशवाणी से नियमित डिस्टन्स एज्यूकेशन के अंतर्गत व्याख्यान ।
-विविध शैक्षणिक संस्थानों,आकाशवाणी, दूरसंचार, दूरदर्शन,रेलवे, बैंक, इंकमटैक्स विभाग,सेल्सटैक्स आॉफिस,हिंदुस्तान पेट्रोलियम,कॉटन कॉर्पोरेशन,इन्डियन एयरलाइंस,जीवन वीमा निगम एवं सरकारी-अर्ध सरकारी कचहरियों, शैक्षणिक संकुलों में सक्रिय प्रवक्ता ।
-यूजीसी. के अनुदान से एक माइनर प्रोजेक्ट, दो मेजर : कुल तीन प्रोजेक्ट्स ।
-प्रकाशन :
३६ पुस्तकें प्रकाशित ।
३ प्रकाशाधीन।
-विविध लब्धप्रतिष्ठित राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में आलेखों का प्रकाशन।
-महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम, अभ्यासक्रम के लिए आधार ग्रंथ एवं संदर्भ ग्रंथों का निर्माण ।
-एवोर्ड्स-

  • “WOMAN OF THE EAST” Award At RUSSIA :Tashkant,Samarkand-2010. -“ THE EVE OF THE ERA “ Award at UAE.: Dubai,Abu Dhabi -2011.
  • “THE LADY OF HOPE“ Award at South Africa : Cap Town, Johnisberg -2012.
  • “MIRA BAI AWARD“ At Gujarat : Surat -2011.

Total 23 International Awards.

  • संप्रति हिन्दी के प्रचार-प्रसारार्थ कविता , आलेख , समालोचना ,कहानी-लेखन , समीक्षा लेखन ,रेडियो, दूरदर्शन , वेबिनार आदि के ज़रिए कार्यरत।

पारिवारिक परिचय :
शादी के बाद ससुराल की सारी ज़िम्मेदारियों को सम्हालते हुए अभ्यास किया । पतिदेव श्री बी. पी.दवे सेवानिवृत्त सरकारी अफ़सर हैं , उनके संपूर्ण सहयोग से मैं सफलता प्राप्त कर पाइ।
दोनों बेटियाों ने Ph.D. किया।
बेटा IIT में रहकर एन्जिनियर बनकर USA. की वर्टिव कंपनी में Director है । पौत्र IC में एन्जिनियर , एक दौहित्री एंजिनियर, दूसरी दौहित्री फ़िजियोथेरापिस्ट है ।
सांप्रत आप समाज-सेवा , साहित्य-लेखन में , पर्यटन में और परिवार के साथ अपना समय बहुत आनंद पूर्वक व्यतित कर रही हैं ।

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